लखनऊ (ब्यूरो): लखनऊ पूर्व विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और बिना जानकारी दिए किए जा रहे शटडाउन को लेकर विधायक ओपी श्रीवास्तव ने सख्त रुख अपनाया है। आम लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए उन्होंने बिजली विभाग के अफसरों के साथ एक महत्वपूर्ण मीटिंग की और साफ शब्दों में कहा कि बिना वजह बिजली कटौती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनावश्यक पावर कट तुरंत रोके जाएं और अगर किसी वजह से शटडाउन लेना जरूरी हो, तो उसकी जानकारी पहले से लोगों तक पहुंचाई जाए ताकि उन्हें अचानक परेशानी का सामना न करना पड़े।
हाल के दिनों में लखनऊ पूर्व विधानसभा के कई इलाकों से लगातार बिजली कटने और लंबे समय तक सप्लाई बाधित रहने की शिकायतें सामने आ रही थीं। गर्मी के मौसम में बिजली की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। घरों में रहने वाले लोगों से लेकर स्टूडेंट्स, जॉब करने वाले प्रोफेशनल्स, दुकानदारों और बुजुर्गों तक, सभी को इसका असर झेलना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोगों का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक ओपी श्रीवास्तव ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
मीटिंग के दौरान विधायक ने अधिकारियों से साफ कहा कि जनता को परेशानी में डालकर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी तकनीकी काम या मेंटेनेंस की वजह से शटडाउन लेना जरूरी है, तो इसकी जानकारी समय रहते लोगों तक पहुंचनी चाहिए। इससे लोग अपने जरूरी कामों की प्लानिंग कर सकेंगे और उन्हें अचानक होने वाली दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनता और विभाग के बीच बेहतर कम्युनिकेशन होना बेहद जरूरी है।
बैठक में क्षेत्र के पुराने और जर्जर बिजली तारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन इलाकों में बिजली लाइनें खराब स्थिति में हैं, वहां जल्द से जल्द सुधार कार्य शुरू किया जाए। उनका कहना था कि पुराने तार और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर कई बार तकनीकी खराबियों और बिजली बाधित होने का बड़ा कारण बनते हैं। ऐसे में सिर्फ अस्थायी समाधान के बजाय स्थायी सुधार पर ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि भविष्य में लोगों को बार-बार एक जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
तकनीकी फॉल्ट्स को लेकर भी विधायक ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई बार छोटी तकनीकी समस्याओं को ठीक करने में जरूरत से ज्यादा समय लग जाता है, जिससे लोगों को घंटों बिजली का इंतजार करना पड़ता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायत मिलने के बाद फील्ड टीम तुरंत एक्टिव हो और समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी जरूरी सेवा में देरी लोगों के दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करती है, इसलिए रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होना चाहिए।
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मीटिंग में ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने का मुद्दा भी सामने आया। कई इलाकों में बढ़ती आबादी और बढ़ते बिजली उपयोग के कारण मौजूदा ट्रांसफॉर्मर्स पर दबाव बढ़ गया है। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि जहां जरूरत हो वहां ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया तेज की जाए ताकि ओवरलोडिंग की समस्या कम हो और बिजली सप्लाई सुचारू बनी रहे। उन्होंने इस दिशा में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में चीफ इंजीनियर सुशील कुमार गर्ग, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रेमलता और नवीन चंद्र सहित सभी संबंधित एसडीओ और जूनियर इंजीनियर्स मौजूद रहे। बैठक के दौरान क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों से जमीनी स्तर पर सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया। विधायक ने उम्मीद जताई कि विभाग की ओर से जल्द प्रभावी कार्रवाई देखने को मिलेगी और लोगों को बिजली से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर बैठक में दिए गए निर्देशों पर प्रभावी तरीके से अमल होता है तो क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल लोगों की नजरें अब विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आम जनता को उम्मीद है कि अनावश्यक बिजली कटौती कम होगी, तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और बिजली सप्लाई पहले से ज्यादा बेहतर और भरोसेमंद बनेगी।