लखनऊ: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनके वाहनों का काफिला कुछ समय के लिए निर्धारित मार्ग से भटक गया और तय फ्लाईओवर की जगह नीचे वाले रास्ते पर पहुंच गया। इसके चलते काफिला इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से आगे बढ़ते हुए सीधे टेढ़ी पुलिया चौराहे तक पहुंच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, राजनाथ सिंह सीतापुर रोड स्थित ब्रज की रसोई परिसर में आयोजित श्रीराम कथा कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उनका काफिला वापस रवाना हुआ। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पायलट वाहन पहले से निर्धारित मार्ग पर काफिले को आगे बढ़ा रहे थे, लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास पहुंचने पर मार्ग चयन में चूक हो गई। बताया जा रहा है कि जहां काफिले को फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरना था, वहां पायलट वाहन नीचे वाले मार्ग पर मुड़ गए। इसके बाद पूरा काफिला उसी दिशा में आगे बढ़ता चला गया और टेढ़ी पुलिया चौराहे तक पहुंच गया।
हालांकि इस दौरान किसी तरह की सुरक्षा संबंधी समस्या सामने नहीं आई और कुछ ही समय में स्थिति को संभाल लिया गया। सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए काफिले को सही मार्ग पर वापस ले जाने का काम किया। घटना के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था भी सामान्य बनी रही और आम लोगों को किसी विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब वीआईपी काफिला टेढ़ी पुलिया की ओर बढ़ा तो आसपास मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए उत्सुकता का माहौल बन गया। आमतौर पर ऐसे उच्च सुरक्षा वाले काफिलों का मार्ग पहले से तय होता है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे रूट की निगरानी करती हैं। ऐसे में काफिले का निर्धारित मार्ग से हटकर दूसरे रास्ते पर पहुंचना चर्चा का विषय बन गया।
सुरक्षा एक्सपर्ट्स का मानना है कि बड़े वीआईपी मूवमेंट के दौरान कई स्तरों पर समन्वय किया जाता है। पायलट वाहन, स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक विभाग और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर पूरे रूट को मैनेज करती हैं। बावजूद इसके, कभी-कभी किसी चौराहे या डायवर्जन पर छोटी सी मार्ग संबंधी गलती हो सकती है, जिसे तुरंत सुधार लिया जाता है। इस मामले में भी स्थिति को कुछ ही मिनटों में सामान्य कर लिया गया और काफिला सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गया।
लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे और टेढ़ी पुलिया क्षेत्र में अक्सर ट्रैफिक का दबाव बना रहता है। ऐसे में किसी भी वीआईपी मूवमेंट के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना भले ही कुछ समय के लिए चर्चा का विषय बनी, लेकिन इससे सुरक्षा या ट्रैफिक व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
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गौरतलब है कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग भी मौजूद रहे। कथा समाप्त होने के बाद राजनाथ सिंह का काफिला निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रवाना हुआ था, लेकिन रास्ते में हुई इस छोटी सी मार्ग संबंधी चूक के कारण कुछ समय के लिए काफिले का रूट बदल गया।
फिलहाल इस घटना को लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक सुरक्षा चूक की पुष्टि नहीं की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ये एक मार्ग संबंधी भ्रम की स्थिति थी, जिसे मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत ठीक कर दिया। इसके बाद काफिला बिना किसी अन्य बाधा के आगे बढ़ गया।
इस घटना ने एक बार फिर ये दिखाया है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान कितनी बारीकी से रूट प्लानिंग की जाती है और छोटी सी गलती भी चर्चा का विषय बन सकती है। हालांकि राहत की बात ये रही कि पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।